हाथ, छाती, उंगली, हेलमेट..चेतेश्वर ने दर्द को दीवार बना दिया, ये हैं ब्रेवरी अवॉर्ड के हकदार
सिडनी में जिस धैर्य, वीरता और काउंटर अटैक का मुजाहेरा टीम इंडिया ने किया, उसकी झलक ब्रिसबेन में भी दिखाई दे रही है। गाबा टेस्ट के पांचवे और निर्णायक दिन चेतेश्वर पुजारा ने मानो दर्द को ही अपना दीवार बना लिया। राहुल द्रविड़ से अक्सर उनकी तुलना होती है। लेकिन गाबा में चेतेश्वर की बैटिंग बि्ल्कुल अलहदा दिखी। पैट कमिंस के बाउंसर और शॉर्ट पिच गेंदों ने उन्हें डराया, धमकाया पर चेतेश्वर कभी परेशान नहीं हुए। हर वो गेंद जो उन्हें दर्द देती गई, उसके बाद चेतेश्वर पुजारा का आत्मबल और उनकी प्रतिबद्धता बढ़ती चली गई।India Vs Australia 4th Test : हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन ने सिडनी में दिखा दिया कि पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क की बोलिंग चाहे जितनी घातक हो इंडियन घुटने टेकने वाले नहीं है। टॉप क्लास बैट्समैन और बोलर के बिना भारत ने कंगारुओं को उनकी मांद में ही औकात दिखा दी।

सिडनी में जिस धैर्य, वीरता और काउंटर अटैक का मुजाहेरा टीम इंडिया ने किया, उसकी झलक ब्रिसबेन में भी दिखाई दे रही है। गाबा टेस्ट के पांचवे और निर्णायक दिन चेतेश्वर पुजारा ने मानो दर्द को ही अपना दीवार बना लिया। राहुल द्रविड़ से अक्सर उनकी तुलना होती है। लेकिन गाबा में चेतेश्वर की बैटिंग बि्ल्कुल अलहदा दिखी। पैट कमिंस के बाउंसर और शॉर्ट पिच गेंदों ने उन्हें डराया, धमकाया पर चेतेश्वर कभी परेशान नहीं हुए। हर वो गेंद जो उन्हें दर्द देती गई, उसके बाद चेतेश्वर पुजारा का आत्मबल और उनकी प्रतिबद्धता बढ़ती चली गई।
चोट के बाद भी गजब का कमिटमेंट

अगर गिनती की जाए तो ऑस्ट्रेलिया के बोलरों ने चायकाल तक सात बार चेतेश्वर पुजारा के शरीर पर वार किया। लेकिन ये स्ट्र्र्रेटेजी पुजारा के हौसले को डिगा नहीं सकी। पुजारा हर चोट के बाद शॉर्ट मिड ऑन की तरफ चहलकदमी करते और वापस क्रीज पर लौट आते। उन्होंने कभी पेशेंस नहीं खोया। वहीं दूसरी ओर शुभमन गिल जोरदार शॉट्स लगाते रहे। गिल 91 पर आउट हुए लेकिन कंगारुओं को पता था कि जब तक पुजारा क्रीज पर हैं मैच का रुख पलट सकता है।
हेलमेट पर लगी गेंद पर उफ्फ तक नहीं किया

पैट कमिंस की उछाल लेती एक गेंद पर बचने के लि चेतेश्वर पुजारा को डक करने का मौका नहीं मिला। वो जब तक गेंद की लाइन से आँख हटाते तब तक गेंद करीब आ चुकी थी। पुजारा ने सिर मोड़ लिया और गेंद सीधे उनके हेलमेट के पीछे वाले हिस्से पर लगी। कुछ सेकंड के लिए लगा कहीं चोट तो नहीं लगी लेकिन पुजारा ने दिखाया जैसे उन्हें कुछ हुआ ही न हो।
पुजारा की तारीफ, इन्हें ब्रेवरी अवॉर्ड दे दो

जब पिच की दरारों से एक गेंद अचानक तेज होकर पुजारा की उंगली मेें लगी तब उन्हें जबर्दस्त दर्द का एहसास हुआ। उन्होंने बल्ला फेंका और फिजियो दौड़ कर आए। जैसे ही उंगली दबाई मानो पुजारा की चीख निकल गई। एक बार लगा वो बैटिंग कर पाएंगे या नहीं। लेकिन पुजारा ने हार नहीं मानी। गजब की दिलेरी दिखाते हुए वो दोबारा गार्ड ले रहे थे। कमेंट्री बॉक्स में संजय मांजरेकर ने यहां तक कह दिया कि ये भावुक होने का वक्त है - अगर टीम इंडिया के लिए कोई ब्रेवरी अवॉर्ड है तो इसे पुजारा को देना चाहिए।
पिच का क्रैक और लैंगर की कुटिल हंसी

पांचवें दिन का खेल शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर पिच निरीक्षण के लिए आए. एक वीडियो में ये कैद हुआ। वो क्रीज पर आते हैं। शॉर्ट और गुड लेंथ पर दरार देख कर ऐसी हंसी निकालते हैं जैसे एकाध घंटे में ही ऑस्ट्रेलियन बोलर भारत की बखिया उधेड़ने वाले हैं। पर ऐसा हुआ नहीं. कमिंस, हेजलवुड और स्टार्क ने उन दरारों पर गेंद तो डाली पर भारतीय शेर उसे झेलने के लिए मुस्तैद खड़े थे।
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