कुछ लोग मुझे कोच बनने नहीं देता चाहते थे... रवि शास्त्री का छलका दर्द, किए कई खुलासे
नई दिल्ली रवि शास्त्री भले ही अब टीम इंडिया के कोच नहीं हो, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी तब संभाली थी, जब उनका कमेंट्री करियर शबाब पर था। भारत के लिए 80 टेस्ट, 150 वनडे खेलने वाले शास्त्री 1983 विश्व विजेता टीम के अहम खिलाड़ी थे। छह गेंदों में छह छक्के लगा चुके इस दिग्गज ने एक मैच में भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी भी की थी। 2017 में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण वाली क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CaC) ने उन्हें भारतीय टीम का हेड कोच बनाया था। अपना कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने के बाद रवि शास्त्री ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कई अहम खुलासे किए हैं। 'लगा था जैसे गलती कर रहा हूं' 2007, 2014, 2017... कई मायनों में, मैंने सोचा, मैं इस जिम्मेदारी को संभालकर गलती कर रहा हूं क्योंकि मैं ऐसा करने के लिए तैयार नहीं था। 2012 और 2014 के बीच लगातार विदेशी हार के बाद भारतीय क्रिकेट फिर से अच्छी स्थिति में नहीं था। मैंने 2014 में स्टार के साथ नया कॉन्ट्रेक्ट साइन किया था, जब बीसीसीआई ने मुझे अपने साथ जुड़ने का निमंत्रण भेजा। तब किसी पैसे की बात नहीं हुई थी, सबकुछ मुंहजबानी था। एन. श्रीनिवासन एक बेहतरीन प्रशासक थे, बिलकुल शरद पवार की तरह। किसने की रवि शास्त्री के खिलाफ साजिश जिस तरह से मुझे टीम से निकाला गया, बहुत दुख हुआ। ये तरीका सही नहीं था। मुझे हटाने के और भी कई बेहतर तरीके हो सकते थे। जब मैं टीम छोड़कर गया था तो वह अच्छी स्थिति में थी। मेरे दूसरे कार्यकाल में मैं काफी विवादों के बाद आया था। जो लोग मुझे बाहर रखना चाहते थे, ये उनके मुंह पर करारा झापड़ था। BCCI में कुछ लोग मुझे और भरत अरुण को बतौर कोच नहीं देखना चाहते थे, जिसे वो गेंदबाजी कोच नहीं बनाना चाहते थे, वो भारत के सबसे शानदार गेंदबाजी कोच बने। वो कोचों को कोचिंग देते हैं। मैं किसी एक इंसान पर अंगुली नहीं उठा रहा हूं। किसी का नाम नहीं ले रहा हूं, लेकिन इतना तो तय है कि कुछ लोग पूरी कोशिश में जुटे थे कि मैं कोच न बन सकूं। कोहली पर क्या बोले शास्त्री टीवी पर खिलाड़ियों का इंटरव्यू लेने के कारण मैं टीम में एमएस धोनी को छोड़कर शायद ही किसी को जानता था। सचिन-सौरव-राहुल-वीवीएस-अनिल सब संन्यास ले चुके थे। ऐसे में मेरे लिए इस टीम से कनेक्ट करना किसी चैलेंज से कम नहीं था। मुझे ऐसे खिलाड़ी की तलाश थी, जो टीम को लीड कर सके। मैंने विराट कोहली के भीतर वो सारे कैरेक्टर देखे। मैदान के भीतर और बाहर दोनों ही जगह एमएस धोनी की जगह लेने के लिए कोहली तैयार दिखे। कमेटी की सिफारिश पर बने थे कोच शास्त्री के कार्यकाल में टीम ने टेस्ट की नंबर एक रैंकिंग हासिल की। विदेशों में जाकर कई सीरीज जीती। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में तिरंगा लहराया। वर्ल्ड टी-20 में विदाई के साथ ही रवि शास्त्री का भी कार्यकाल खत्म हो गया। 2017 में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण वाली क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CaC) ने उन्हें भारतीय टीम का हेड कोच बनाया था।
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