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बलात्कार का आरोपी शिक्षक जेल में, फिर भी वेतन मिल रहा है / karera news

करैरा। शिक्षा विभाग में रिश्वत की परंपरा के कारण शिक्षा विभाग के बाबू वृंदावन शर्मा को फांसी के फंदे पर लटकना पडा। विभाग की इस परपंरा का एक ओर नायब उदाहरण देखने को मिल रहा हैं कि बलात्कार के आरोप में शिक्षक जेल में और उसको पूरा वेतन विभाग जेल काटने का दे रहा हैं। इससे बडी लापरवाही जिला शिक्षा अधिकारी की नही हो सकती हैं।

जैसा कि विदित हो कि  दिनारा संकुल के ढांड प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक अखिलेश गुप्ता पर पति—पत्नी के झगड़े की सुलह कराने के बहाने महिला से बलात्कार कर दिया। यह शिक्षक पिछले 42 दिनो से जेल में हैं। विभाग ने इस शिक्षक पर कोई कार्रवाई नही की हैं।

इतना ही नहीं ये शिक्षक जेल में वेतन भी पूरा ले रहे हैं । वहीं संकुल प्राचार्य तेजसिंह जाटव का कहना है कि मैं तो लिखित व मौखिक रूप से डीईओ को इन शिक्षक के बारे में अवगत करा चुका हूं , लेकिन उन्होंने ही कार्रवाई नहीं की,तो मैं क्या करूं,अब सस्पेंड करना तो मेरे हाथ में है नहीं


यदि किसी आपराधिक मामले में कोई सरकारी कर्मचारी 24 घंटे तक हिरासत में रहता है तो उसे तत्काल सस्पेंड कर दिया जाता है। निलंबन अवधि में उसे जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में बेसिक सैलरी की आधी रकम दी जाती है। यदि उसे जमानत मिल जाती है, तब भी आधा वेतन ही मिलता है । सजा होने पर उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाता है ।

यह हैं आरोप हैं शिक्षक पर,पति को शराब लेने भेज दिया और पत्नि का बलात्कार कर दिया
शासकीय प्राथमिक विद्यालय ढांड में पदस्थ अखिलेश गुप्ता के खिलाफ उन्हीं के मकान में किराए से रहने वाली एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है । इन पर आरोप है कि इन्होंने किराए से रहने वाले पति—पत्नी के बीच झगड़ा होने पर इस दंपति को हॉस्टल में मामले की सुलह कराने के बहाने बुलाया।

महिला का आरोप है कि पति को शराब लाने भेजकर उसके साथ बलात्कार किया। इस मामले की थाने में शिकायत के बाद शिक्षक अखिलेश गुप्ता को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया था। वहीं इसकी लिखित व मौखिक सूचना संकुल प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी आदर्श कटियार को दी, लेकिन उन्होंने शिक्षक को निलंबित तक नहीं किया । इसके चलते शिक्षक जेल में बंद रहने के बावजूद भी पूरा वेतन शासन से ले रहा है।

सूचना डीईओ को दे दी थी शिक्षक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज है ये मेरे संज्ञान में है और इसकी सूचना मैंने लिखित व मौखिक रूप से डीईओ साहब को दे दी है । कार्रवाई के बारे में वे ही जानें । क्योंकि सस्पेंड या वेतन रोकना तो मेरे हाथ में नहीं है । तेजसिंह जाटव, संकुल प्राचार्य दिनारा


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