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छिंदवाड़ा में ये 29 जगह हैं सबसे खतरनाक

Publish Date: | Tue, 23 Jun 2020 08:35 PM (IST)

छिंदवाड़ा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। प्रशासन ने जिले में बढ़ते सड़क हादसों के बाद सर्वे कर 29 ब्लैक स्पॉट चि-ति किए थे। इन स्पॉट पर आए दिन हादसे होते थे। इनमें अब तक सैकड़ों लोग काल के गाल में समां गए हैं। ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए जिला प्रशासन व सड़क सुरक्षा समिति ने एनएचएआई तथा एमपीआरडीसी को सड़कों के सुधार के लिए आदेशित जारी किया गया। एनएचएआई व एमपीआरडीसी ने खानापूर्ति करते हुए इन सड़कों पर नाममात्र का सुधार कार्य कर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली। साथ ही जिले के बड़े ब्लैक स्टॉट अभी भी वैसे ही बने हुए हैं। इससे आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं।

अधिकांश ब्लैक स्पॉट एनएचएआई व एमपीआरडीसी की सड़कों पर ही हैं। वर्तमान में सबसे ज्यादा हादसे रिंगरोड के साथ ही एनएचएआई की सड़कों पर सामने आ रहे हैं। जहां स्पीड ब्रेकर के साथ ही एप्रोज मार्गों का सुधार किया जाना था, लेकिन सड़कों से जुड़े गांव जहां एक्सीडेंट ज्यादा होते हैं वहां पर किसी भी तरह का सुधार नहीं किया गया है। सड़क निर्माण कंपनी सुधार कार्य के नाम पर लंबे समय से खानापूर्ति करते आ रही है, जिसको लेकर जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। वर्तमान में ब्लैक स्पॉट पर हादसे सामने आ रहे हैं। सिवनी से छिंदवाड़ा व नागपुर मार्ग पर सड़क हादसे प्रतिदिन हो रहे हैं।

प्रमुख सड़कों की घाटियों पर होते हैं ज्यादा हादसे

जिला ऊंचाई पर बसा हुआ है चारों तरफ की सड़कों से जाने के दौरान घाटियां जरूर मिलती हैं। चि-ति ब्लॉक स्पॉटों में यह घाटियां शामिल है जहां आए दिन हादसें होते हैं। जिसमें अमरवाड़ा की भुमका घाटी, तामिया की तुलतुला पहाड़ी, तंसरा माल पेट्रोल पंप, मोहखेड़ थाना के सामने, परासिया थाना के सामने, चांदामेटा चौक, नागपुर मार्ग पर सिल्लेवानी घाटी व गहरानाला को चि-ति किया गया है। बैतूल मार्ग पर भी एनएचएआई की सड़कों पर जो ग्राम बसे हैं वहां भी सड़क हादसे लगातार हो रहे हैं। जिले में जो प्रमुख ब्लैक स्पार्ट घोषित किए गए हैं। वहां पर सुधार कार्य ही नहीं किया जा सका है। प्रमुख सड़कों से निकले एप्रोच मार्ग पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।

अल्प काल के सुधार कार्य भर किए

सड़क एजेंसियों ने जिस कंपनी को सड़क का कार्य दिया था उसी को इन ब्लैक स्पाट का सुधार कार्य करना था। सड़क कंपनियों ने सिर्फ अल्पकाल के कार्य तो कर दिए लेकिन लंबे समय के कार्यों के सुधार कार्य को अभी तक शुरू ही नहीं किया है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण परासिया मार्ग का निर्माण होना था। शहर में इंदिरा तिराहे से लेकर आगे 10 किमी पोआमा तक सड़क को चौड़ा किया जाना था सड़क के बीच में रैलिंग भी लगाई जानी थी लेकिन एमपीआरडीसी की इस सड़क के निर्माण शुरू ही नहीं करा पाया है। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा हादसे होते है। यही स्थिति नागपुर मार्ग के गहरानाला को लेकर बनती है।

शहर में ननि व यातायात ने कराए कार्य

सड़क सुरक्षा समिति ने शहर में भी कई स्थानों को चि-ति किया था जिसमें नगर निगम व यातायात पुलिस को मिलकर सुधार कार्य कराने थे। जिसमें शहर में 4 स्थानों पर लेफ्ट टर्न बनाने के साथ ही यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया जाना था। लेफ्ट टर्न के साथ ही अतिक्रमण हटाने का कार्य किया गया। फूल, फल व नारियल बाजार को एक साथ इंदिरा तिराहे के समीप शिफ्ट किया गया।

जिले में 29 ब्लैक स्पॉट चि-ति किए गए थे जो एनएचएआई व एमपीआरडीसी की सड़कों पर हैं। इन सड़क निर्माण एजेंसियों को ही सुधार कार्य किया जाना है। जिसमें से शार्ट टर्म के कार्य किए जा चुके हैं और लांग टर्म के कार्य निकट भविष्य में शुरू किए जाएंगे।

– सुनील कुमार शुक्ला, आरटीओ, छिंदवाड़ा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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