21 जून को तीन घंटा 27 मिनट का होगा सूर्यग्रहण, लेकिन 12 घंटे का रहेगा प्रभाव
शिवपुरी। रविवार 21 जून को सूर्यग्रहण होगा। ग्रहण 3 घंटा 27 मिनट का होगा। ग्रहण का स्पर्श सुबह 10.09 बजे होगा। मध्य 11.47 बजे व मोक्ष दोपहर 1.36 बजे होगा। ग्रहण काल में इष्ट देव की आराधना करने से ग्रहण या ग्रह बाधा के कारण आने वाली रुकावटें दूर होगी।
पंडित मनोज तिवारी कहते है कि ग्रहण काल तंत्र साधकों के लिए सर्व श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। इस दौरान जप करने से शीघ्र सफलता प्राप्त होती है।
बता दें कि 5 जून को माह का पहला चन्द्र ग्रहण पड़ा था। लेकिन यह भारत में दृश्य न होने से इसे मान्य नहीं किया गया था। 21 जून को दूसरा सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। यह दृश्य है। इसका प्रभाव भी पड़ेगा। पंडित विकासदीप शर्मा बताते है कि सूर्यग्रहण का वेद (सूतक) 12 घंटे पहले लग जाता है। इसलिए 20 जून शनिवार को रात्रि 10 बजे से ग्रहण का वेद (सूतक) लग जाएगा।
इसलिए साधना में शीघ्र मिलती है सफलता: पंडित विकासदीप शर्मा बताते हैं कि ग्रहण काल के दौरान मन का कारण चन्द्रमा, आत्मा का कारण सूर्य व पंच तत्वीय शरीर का कारण पृथ्वी, तीनों एक ही तल पर एक ही लय में होते हैं। इसलिए ग्रहणकाल के दौरान की गई इष्ट की साधना शीघ्र फलीभूत होती है।
ग्रहण का क्या होगा प्रभाव
ग्रहण के प्रभाव से कोरोना का प्रभाव कम होगा। देश की सीमाओं पर तनाव के साथ हलचल बढ़ेगी। देशों के बीच आर्थिक मुद्दों पर तनाव बढ़ेगा। बाढ़-भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जनजीवन प्रभावित होगा। स्त्री जाति व धार्मिक नेताओं के लिए ग्रहण अच्छा नहीं रहेगा।
राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा ग्रहण
मेष- शुभ, धन लाभ उन्नति
वृष- कलह, मानसिक अशांति, धनहानि।
मिथुन- कष्टकारक, यात्रा न करें
कर्क- सेहत का ध्यान रखें,दुर्घटना से बचें।
सिंह- लाभ होगा, भाग्योन्नति कारक।
कन्या- शुभ समाचार मिलेगा, माता पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
तुला- कलह से बचें, बाधा, चिंता रहेगी।
वृश्चिक- स्वास्थ्य खराब हो सकता है, रुका धन मिल सकता है।
धनु- पारिवारिक कलह से बचंे, अन्य दृष्टि से भी ठीक।
मकर- रोग-शत्रु से बचें, कर्ज न लें।
कुंभ- संतान से चिंता, तनाव हो सकता है। सावधानी रखें।
पंडित मनोज तिवारी कहते है कि ग्रहण काल तंत्र साधकों के लिए सर्व श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। इस दौरान जप करने से शीघ्र सफलता प्राप्त होती है।
बता दें कि 5 जून को माह का पहला चन्द्र ग्रहण पड़ा था। लेकिन यह भारत में दृश्य न होने से इसे मान्य नहीं किया गया था। 21 जून को दूसरा सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। यह दृश्य है। इसका प्रभाव भी पड़ेगा। पंडित विकासदीप शर्मा बताते है कि सूर्यग्रहण का वेद (सूतक) 12 घंटे पहले लग जाता है। इसलिए 20 जून शनिवार को रात्रि 10 बजे से ग्रहण का वेद (सूतक) लग जाएगा।
इसलिए साधना में शीघ्र मिलती है सफलता: पंडित विकासदीप शर्मा बताते हैं कि ग्रहण काल के दौरान मन का कारण चन्द्रमा, आत्मा का कारण सूर्य व पंच तत्वीय शरीर का कारण पृथ्वी, तीनों एक ही तल पर एक ही लय में होते हैं। इसलिए ग्रहणकाल के दौरान की गई इष्ट की साधना शीघ्र फलीभूत होती है।
ग्रहण का क्या होगा प्रभाव
ग्रहण के प्रभाव से कोरोना का प्रभाव कम होगा। देश की सीमाओं पर तनाव के साथ हलचल बढ़ेगी। देशों के बीच आर्थिक मुद्दों पर तनाव बढ़ेगा। बाढ़-भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जनजीवन प्रभावित होगा। स्त्री जाति व धार्मिक नेताओं के लिए ग्रहण अच्छा नहीं रहेगा।
राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा ग्रहण
मेष- शुभ, धन लाभ उन्नति
वृष- कलह, मानसिक अशांति, धनहानि।
मिथुन- कष्टकारक, यात्रा न करें
कर्क- सेहत का ध्यान रखें,दुर्घटना से बचें।
सिंह- लाभ होगा, भाग्योन्नति कारक।
कन्या- शुभ समाचार मिलेगा, माता पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
तुला- कलह से बचें, बाधा, चिंता रहेगी।
वृश्चिक- स्वास्थ्य खराब हो सकता है, रुका धन मिल सकता है।
धनु- पारिवारिक कलह से बचंे, अन्य दृष्टि से भी ठीक।
मकर- रोग-शत्रु से बचें, कर्ज न लें।
कुंभ- संतान से चिंता, तनाव हो सकता है। सावधानी रखें।
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