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युवाओं के लिए ट्रेकिंग, तामिया के 10 गांवों का होगा पर्यटन डेवलपमेंट

पर्यटन हब के रूप में छिंदवाड़ा को विकसित करने की बनाई प्लॉनिंग, तामिया को औषधि केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी

छिंदवाड़ा : सतपुड़ा की वादियों के बीच बसे तामिया को औषधियों का भंडार कहा जाता है। यहां मिलने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियां  छिंदवाड़ा के इन विहंगम क्षेत्रों के अलावा सिर्फ हिमालय की दुर्गम पहाडिय़ों में मिलती है। इन दुर्लभ जड़ी-बूटियों को विश्व पटल पर रखने के अलावा यहां की भारिया सभ्यता को पूरी दुनिया जान सके। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पूरे क्षेत्र में डेवलपमेंट की नई प्लॉनिग तैयार की है। पचमढ़ी से लगे इस सुंदर वन क्षेत्रों को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए यहां युवाओं के लिए ट्रेकिंग केम्पों के अलावा  पर्यटकों के लिए हट का निर्माण किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा पर्यटक तामिया की वादियों में पर्यटन का मजा ले सकें। इसके लिए आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुगम करने के साथ-साथ 10 ऐसे गंावों में सुविधाओं का विस्तार किए जाने की कार्ययोजना तैयार की गई है जहां पर पहुंचकर पर्यटक पातालकोट के गूढ़ रहस्यों को जान सकें। पूरे तामिया-पातालकोट के आसपास ट्रेकिंग और पैराग्लाइडिंग के स्पॉट बनाए जाने हैं, ताकि पर्यटक यहां आकर साहसिक खेलों का लुत्फ उठा सकें।
100 युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण
पर्यटन के साथ-साथ युवा रोजगार हासिल कर सकें। इसके लिए 100 युवाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी वन विभाग के माध्यम से की गई है। ये युवा गाइड बनकर तामिया आने वाले पर्यटकों को पातालकोट और आसपास के क्षेत्रों की विशेषताओं से अवगत कराएंगे। पर्यटन के माध्यम से यहां के युवाओं को रोजगार भी हासिल हो पाएगा।
टूरिस्ट इंफर्मेशन सेंटर बनेगा
तामिया में टूरिस्ट इंफर्मेशन सेंटर बनाने की प्लॉनिंग तैयार की गई है। जिसके तहत पर्यटक इस इंफर्मेशन सेंटर के जरिए तमाम जानकारी हासिल कर सकेंगे। आसपास नए स्पॉटों को विकसित करने के साथ-साथ क्षेत्र की तमाम जानकारी इस सेंटर में मौजूद रहेगी। जिले के हर पर्यटन क्षेत्र और उसकी विशेषताएं इस सेंटर में मौजूद रहेगी।
औषधि संरक्षण केंद्र बनेगा
पातालकोट की वादियों में औषधियों का दुर्लभ भंडार भरा पड़ा है। इन औषधियों को संरक्षित करने के लिए भी औषधि संरक्षण केंद्र बनाया जा रहा है। ताकि वैध और बॉटनी के स्टूडेंट इन औषधियों पर रिसर्च कर सकेंगे।
ये क्षेत्र भी होंगे विकसित
– जिले के पर्यटन स्थल जमतरा और गोदड़देव को नए पर्यटन केंद्र में विकसित किए जाने की कार्ययोजना है। इन दोनों ही क्षेत्रों को मुख्य सड़क मार्गों से जोड़कर यहां पर्यटन विकास किया जाएगा। ताकि सिवनी पेंच पार्क की तरह बिछुआ के जमतरा से भी पर्यटक यहां आए।
– माचागोरा डेम को लेकर भी नई प्लॉनिंग तैयार की जा रही है। आसपास के क्षेत्र को विकसित किए जाने के साथ-साथ यहां क्रूज चलाने की तैयारी है ताकि पर्यटक यहां पानी की सैर कर सकें।
इनका कहना है…
– छिंदवाड़ा को प्राकृतिक संपदा विरासत में मिली है। महादेव के आशीर्वाद ने सतपुड़ा के आदिवासी अंचल को वन, पहाड़, नदी, झरने की अपार संपदा दी है। जरुरत इसे संवारने की है। मेरी कोशिश है कि यह संपदा जिले के ग्रामीण खासकर आदिवासियों के रोजगार का साधन बने। मैं पर्यटन हब के रूप में तामिया, छिंदी, जमतरा, माचागोरा जैसे क्षेत्रों को विकसित करवाना चाहता हूं। जिससे पर्यटक यहां आने के लिए आकर्षित हो सकें।

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