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जुन्नारेदव में अब काजू की खेती करने की तैयारी

जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा: लगातार बंद होती कोयला खदानों के बाद अब क्षेत्र के लोगों को बेरोजगारी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लेकिन साथ ही खेती रोजगार के एक बेहतर विकल्प के रूप में क्षेत्र के लोगों के सामने ही आ रहा है इसी प्रयास में जिले के तामिया और जुन्नारेदव में अब काजू की खेती करने की तैयारी की जा रही है। अगले पखवाड़े तक काजू के लगभग छह हजार पौधे इन दोनों विकासखंडों के तीस हैक्टेयर यानि 75 एकड़ में रोप दिए जाएंगे। उद्यानिकी विभाग बगीचों को तैयार करने में लग है। cashew plants junnardeo Tamia

केरल के कोच्ची और गोवा से रोपने के लिए तैयार पौधे मंगाए जा रहे है। इन पौधों को सीधे बगीचों में रोपने का काम किया जाएगा। जिले में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना रफ्तार के अंतर्गत काजू की खेती की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 31 किसानों ने पंजीयन कराया है। दोनों विकासखंडों में कुल 15-15 हैक्टेयर की भूमि चिन्हित की गई है। इनमें अब तक 31 किसानों ने पंजीयन कराया है। एक हैक्टेयर में 200 पौधे लगाए जाएंगे। सात गुना सात मीटर के दायरे में एक पौधा लगाया जाएगा। इस हिसाब से तीस हैक्टेयर में कुल छह हजार पौधे लगाए जाएंगे।

उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक एमएल उइके ने बताया कि काजू की खेती के लिए हल्की जमीन चाहिए। दोमट, रेतीली और मुरम जैसी जमीन पर काजू के पौधे जल्द पनपते हैं। हल्की और पथरीली जमीन पर भी इसके बगीचे तैयार किए जा सकते हैं। काजू के लिए गर्मी मेंभी मौसम सामान्य चाहिए। इस हिसाब से तामिया और जुन्नारदेव के कुछ क्षेत्र इसके लिए अनुकूल मिले हैं। इसीलिए यहां ब्लाक प्लांटेशन तैयार किया जा रहा है। यदि यहां प्रयोग सफल रहा तो हर्रई, मोहखेड़, अमरवाड़ा तरफ भी ऐसे क्षेत्रों को चुनकर वहां इसका विस्तार किया जा सकेगा।

इस साल काजू-कोको विकास निदेशालय कोच्ची के विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों ने छिंदवाड़ा का दौरा किया था और जिले में काजू की खेती के लिए मौसम को अनुकूल और उपयुक्त बताया था। बैतूल में तो पहले से ही काजू की खेती की जा रही है। इसके साथ उससे लगे छिंदवाड़ा और यहां से बालाघाट और सिवनी में भी इसका उत्पादन करने की तैयारी की गई। छिंदवाड़ा में अभी इसका पहला चरण है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है और उत्पादन के साथ गुणवत्ता भी सही मिलती है तो दूसरे चरण में जिले के इसी तरह के मौसम वाले दूसरे क्षेत्रों में इसकी खेती को विस्तार दिया जाएगा। cashew plants junnardeo Tamia

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