Header Ads

Header ADS

39 करेाड का प्रोेजेक्ट: काम कछुआ चाल से शासन भी कम दोषी नही,विवादित जमीन पकडा दी

करैरा। जिलें शायद ऐसी कोई योजना हो जो समय पर शुरू होकर समय पर पूर्ण् हो चुकी हो। शिवपुरी की जलावर्धन योजना की चाल की गति ने रिकार्ड बना ही लिया हैं। इसके विषय में आपको पूरी जानकारी हैं,लेकिन करैरा की जलावर्धन योजना भी शिवपुरी की योजना का फ्लो कर रही है।

करैरा नगर के जलसंकट को देखते हुए 2 साल पूर्व एमपीयूडीसी (मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट) के द्धवारा कोलकाता की रियान कंपनी करैरा में 39 करोड़ की जलावर्धन योजना के कार्य की शुरूआत की थी। इस योजना को पूर्ण करने की समय अवधि पूरे ढाई साल निर्धारित हुई थी। जिसके दो साल पूरे हो गए, अब केवल 6 माह ही शेष बचे हैं। इन दो सालों में कोलकाता की रियान कंपनी पानी की टंकी तो दूर पाइप लाइन तक नहीं बिछा पाई। ऐसी स्थित में कैसे फिल्टर प्लांट बनाएगी और कैसे पानी की टंकी बनाने का कार्य करेगी।

एमपीयूडीसी ने जिस रियान कंपनी को ठेका दिया वह करैरा की 39 करोड़ की जलावर्धन योजना को लटकाने के लिए अपनी कमियों को छिपाने में लगी हुई है। कहीं ऐसा न हो जाए जैसा शिवपुरी की जलावर्धन योजना जिलेवासियों के लिए सिर दर्द बन गई थी, जिसकी कमी आज भी जिले के लोगों को अखर रही है।

तीन टंकी बनाई जाना थी इस योजना में
एमपीयूडीसी के रियान कंपनी को करैरा नगर में तीन स्थानों पर पानी की टंकी बनाई जाना प्रस्तावित था इनमें से एक टंकी 7 लाख लीटर की नगर परिषद कार्यालय के पास बनाई जा रही है, जिसका 60 से 55 प्रतिशत ही काम हुआ। दूसरी टंकी 5 लाख लीटर की गिर्राज मंदिर के पास बनाई जाना थी, जिसका काम अभी 30 प्रतिशत ही काम हुआ और तीसरी टंकी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पीछे दस लाख लीटर की बनाई जाना थी।

जिसकी शुरूआत तक नहीं हुई और कंपनी को काम चालू किए दो साल हो गए ऐसी स्थित में एमपी यूडीसी की रियान कम्पनी मात्र 6 माह में फिल्टर प्लांट, 3 पानी की टंकी, पाइप लाइन का जाल जो समोहा से करैरा तक 35 किलोमीटर लाइन बिछाया जाना है यह कैसे संभव है। कंपनी के कार्य की गति को देखते हुए दस साल भी कम पड़ेंगे जलावर्धन योजना को पूर्ण करने में।

14 फरवरी को टंकी से गिर कर हुई थी एक मजदूर की मौत
नगर परिषद कार्यालय के पास रियान कंपनी के द्वारा बनाई जा रही टंकी निर्माण के समय 14 फरवरी को टंकी पर काम करते समय नीचे गिरने से मौत हो गई थी जिसकी फाइल को कंपनी के ठेकेदार ने मजदूर की मौत के साथ दफन कर दिया था।

जबकि हकीकत यह थी जब टंकी निर्माण कार्य चल रहा था उस समय सुरक्षा की दृष्टि से न चारों तरफ जाल लगाया गया और न ही मजदूरों को कमर बेल्ट दिए थे ठेकेदार की कमी से एक मजदूर को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा सम्बंधित ठेकेदार के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।


कंपनी की कमियां हो रही उजागर, जिम्मेदार जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान
करैरा नगर में 39 करोड़ की लागत से चल रहे जलावर्धन योजना के कार्य में नगर के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि यहां तक कि ग्वालियर सांसद, केंद्रीय मंत्री, पूर्व विधायक तक जिनके प्रयास से इस योजना की आधार शिला रखी गई थी आज इनकी अनदेखी लापरवाही की वह से कोलकाता की रियान कम्पनी अपनी मनमानी पर उतारू है जो अपनी कमियों को छिपाने के लिए करोड़ों के प्रोजेक्ट की लीपापोती करने लिए कछुआ गति से काम कर रही।


पाइप लाइन बिछाने में भी कर रहे नियमों की अनदेखी
करैरा नगर में जलावर्धन योजना के तहत बिछाई जा रही पाइप लाइन कार्य मे रियान कंपनी के ठेकेदार चंद रुपए बचाने के चक्कर मे निर्धारित माप दंडों को दरकिनार करते हुए कई-कई जगहों पर कम गहराई में ही पाइप लाइन को बिछाने का कार्य किया जा रहा है। जिससे भविष्य में यही लाइनें जनता की मुसीबत बनेगी और आए दिन बस्ट होंगी।

इनका कहना है
यह काम नगर परिषद के कार्यक्षेत्र से बाहर है इसका अपना एमपीयूडीसी विभाग है जिसका कार्यालय शिवपुरी और ग्वालियर में है। दो साल हो गए इस कार्य को शुरू हुए इन दो सालों में 15 प्रतिशत भी काम नहीं हुआ है। हमने जमीन खाली कराके इनको फिल्टर प्लांट और टंकी निर्माण के लिए जगह दे दी है इसके बाद भी काम मे कोई गति नहीं लाए। शिवपुरी की जलावर्धन योजना के बाद करैरा की योजना का नंबर है।
दिनेश श्रीवास्तव, सीएमओ करैरा नप।

जमीन विवादित आवटंन करा दी।
हमारा लिए अब तक इंटेकवेल फिल्टर प्लांट बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई है,जहां पर जमीन दी गई वह विवादित है। दो टंकी का काम हुआ है एक टंकी 80 प्रतिशत बन गई। दूसरी 40 प्रतिशत बन गई है। हमें काम शुरू किए दो साल हो गए ढाई साल में यह काम पूर्ण करना था।
अमित तिवारी, रियान कंपनी।


from Shivpuri Samachar, Shivpuri News, Shivpuri News Today, shivpuri Video https://ift.tt/32C2kVU
via IFTTT
Powered by Blogger.